
टाटा पावर एक सोलर और विंड पर आधारित कंपनी से अब हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में एक ‘सशक्त शक्ति’ बनने की ओर अग्रसर है, और भविष्य में न्यूक्लियर पावर डेवलेपमेंट में भी भाग लेने को तैयार है। यह बात चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने शुक्रवार को कंपनी की 106वीं वार्षिक आमसभा को संबोधित करते हुए कही।
चेयरमैन ने यह भी कहा कि कंपनी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की संभावित भागीदारी के लिए तैयार है।
अपने भाषण में उन्होंने टाटा समूह के चेयरमैन एमेरिटस और अनुभवी उद्योगपति रतन टाटा को भी याद किया, जिनका पिछले वर्ष अक्टूबर में निधन हो गया था। इसके अलावा उन्होंने पिछले महीने हुए एयर इंडिया विमान हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा,
“हमने हाल के महीनों में जो भारी नुकसान झेला है, उसे मैं स्वीकार करता हूँ। पूरे टाटा समूह में हम उन सभी को सम्मान देते हैं जिन्होंने अपने प्राण गंवाए, और उनके परिवारों और प्रियजनों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं। पिछले साल के अंत में हमने (रतन) टाटा को भी विदाई दी।”
चंद्रशेखरन ने बताया कि कंपनी अब हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी और ‘राउंड-द-क्लॉक’ ग्रीन एनर्जी पर केंद्रित है, जिसमें सोलर, विंड, हाइड्रो और स्टोरेज को एकीकृत किया जा रहा है।
टाटा पावर की 4.3 गीगावाट की सोलर मैन्युफैक्चरिंग सुविधा अब तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में पूरी तरह से चालू हो चुकी है। इसके अलावा, कंपनी ने भूटान की Druk Green Power के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत 5 गीगावाट की सीमा-पार नवीकरणीय और हाइड्रो पावर परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
चंद्रशेखरन ने यह भी कहा कि टाटा पावर अब एक कंज़्यूमर-फेसिंग ब्रांड बन चुका है, जो रूफटॉप सोलर और ईवी चार्जिंग सॉल्यूशंस भी उपलब्ध करा रहा है।
कंपनी की भविष्य की योजनाओं के बारे में उन्होंने कहा:
“कंपनी एक सोलर और विंड पर केंद्रित कंपनी से हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में एक सशक्त शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।”
उन्होंने आगे कहा:
“कस्टमाइज़ेबल, स्केलेबल और एंड-टू-एंड क्लीन और ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशंस की पेशकश कर टाटा पावर नेट-जीरो की दिशा में यात्राओं को संभव बना रही है और उद्योगों तथा उपभोक्ताओं को कहीं भी 24×7 सतत ऊर्जा प्रदान कर रही है।”

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